मोहब्बत का मेरा यह सफर आख़िरी है,
ये कागज, ये कलम, ये गजल आख़िरी है,
फिर ना मिलेंगे अब तुमसे हम कभी,
क्योंकि तेरे दर्द का अब ये सितमतुम ने चाहा ही नहीं हालात बदल सकते थे,
तेरे आाँसू मेरी आँखों से निकल सकते थे,
तुम तो ठहरे रहे झील के पानी की तरह,
दरिया बनते तो बहुत दूर निक ल सकते थे आख़िरी है
ये कागज, ये कलम, ये गजल आख़िरी है,
फिर ना मिलेंगे अब तुमसे हम कभी,
क्योंकि तेरे दर्द का अब ये सितमतुम ने चाहा ही नहीं हालात बदल सकते थे,
तेरे आाँसू मेरी आँखों से निकल सकते थे,
तुम तो ठहरे रहे झील के पानी की तरह,
दरिया बनते तो बहुत दूर निक ल सकते थे आख़िरी है
x SMS Hindi
न चलता है दिल पर जोर कोई,
यह खुद की ही मर्जी चलाता है,
करता है खटाएं कैसी कैसी,
और बदले में हमें रुलाता है
यह खुद की ही मर्जी चलाता है,
करता है खटाएं कैसी कैसी,
और बदले में हमें रुलाता है

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